93 बच्चों को दिए पात्रता प्रमाणपत्र

मंडी के 479 बच्चों की पढ़ाई,आवास,शादी,पालन पोषण व स्वरोजगार का खर्च उठाएगी सरकार

मंडी, 7 नवम्बर। अतिरिक्त उपायुक्त मंडी निवेदिता नेगी ने कहा की सुख आश्रय योजना मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की एक अनूठी और श्रेष्ठ पहल है जो अनाथ बच्चों का भविष्य संवारेगी। उन्होंने कहा की सरकार ने ऐसे बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ स्टेट का दर्जा दिया है। जिला मंडी में ऐसे 479 बच्चों की पहचान हुई है जिनका पालन पोषण, शिक्षा, आवास, विवाह आदि का खर्चा सरकार उठाएगी। यह जानकारी उन्होंने कल्याण भवन मंडी में आयोजित मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत पात्रता प्रमाण पत्र वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में दी। इस मौके पर उन्होंने सुख आश्रय योजना के पात्र 93 अनाथ लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी बांटे। उन्होंने कहा की राज्य सरकार एक पालक माता पिता की तरह इन बच्चों की न केवल निर्वाह की व्यवस्था कर रही है बल्कि उनके भावी जीवन की चिंता भी सरकार को है। उन्होंने कहा की जिला मंडी में यह योजना जिलाधीश एवं बाल कल्याण संरक्षण समिति के मार्गदर्शन में चल रही है। आजकल जिनको इस योजना का लाभ मिलना है उनके दस्तावेज युद्ध स्तर पर बन रहे है ताकि उन्हे जल्दी से जल्दी इसका लाभ मिल सके। उन्होंने इस अवसर पर सुख आश्रय योजना पर लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय बदरेल ने मुख्य अतिथि निवेदिता नेगी का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित भी किया। उन्होंने विभाग की योजनाओं की जानकारी प्रतिभागियों को दी।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी एन. आर. ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के सभी घटकों की बारीकी से अपनी प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी उपस्थित सदस्यों के समक्ष रखी।
समारोह में सभी खंडों के सीडीपीओ, बाल संरक्षण इकाई तथा डीपीओ कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी भाग लिया।

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